माता जी कि चिरजाए
(1) तर्ज :- झुक ज्याओ जी जरा सा रघुवीर सिया म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी अरज म्हारी छोटी , गरज म्हारी छोटी थे हो दानी बड़ा मसहूर , अरज म्हारी छोटी सी कब तक मोय बिसराओगे मैया , कब हिवडै से लगाओगे मैया म्हारी करद्यो मंशा पूर , गरज म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी सुणल्यो मात देशाणै वाला , भगतां का हर दम रखवाला थे हो बीसहथी बलवीर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रांजल शरण पड्यो सुरराया , बिड़दाली निज बिड़द निभाया म्हारा करद्यो दुखड़ा दूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रहलाद सिह जी कविया [ प्रांजल ] (2) अन्नदाता म्हाने दर्शण दीजो सा , बाईसा म्हा पर परसण रिजो सा , निहारु राज , री वाट 1 - ज्यु किरणा बीच ,तेज सूरज को , यू सगत्यां बीच ,रूप अंबे इंद्र को मात म्हाने निरखण दीजो सा नेह रस बरसण दीजो सा निहारु - - - - - - - - - - - - -- - - - - - ---- 2 - मात अनाथ के, नाथ आप हो सुख दुःख में ,अम्बे साथ आप हो मात मत तरसण दीजो सा, करुणा रस बरसण दिज...