CHIRJA KARNI MATA
जामण सकल जंझाळ, टाळ दोख दुख जगत हित। हे मावङ प्रतिपाळ, आप आशरो ईश्वरी।। कीङक काटण रोग, लोग मात् तौ को तकै। जोगणी सिध्द अमोग, ओङ तौर ना ईश्वरी।। 🌷चिरज पुकार🌷 अम्बे मानै आप तणो आधार, माॅजी सूणियो करूण पुकार। मैहाई म्हानै आप तणो आधार, पुत्र हित सूणज्यो करूण पुकार।।टेर।। जुग्ग मे जोगण सूणां आप री शोभा अणन्त अपार। भीङ पङियां भग्तां हित जामण, रचिया नवांअवतार। अम्बे मानै आप तणो आधार, माॅजी सूणियो करूण पुकार। मैहाई म्हानै आप तणो आधार, पुत्र हित सूणज्यो करूण पुकार। ।१।। डाढाळी डोकर सूणी मां, शक्ति रूप साकार। जगत बचावण दुष्ट दलण हित माॅ धर आया कई बार।। अम्बे मानै आप तणो आधार , माॅजी सूणियो करूण पुकार। मैहाई म्हानै आप तणो आधार, पुत्र हित सूणज्यो करूण पुकार। ।२।। राजा राव पृथ्वि कै पतशाह, जै झाल्ही अपकार। मैटियो मान डण्ड दे आपहि, छीन्न ना देर लगार। अम्बे मानै आप तणो आधार, माॅजी सूणियो करूण पुकार। मैहाई म्हानै आप तणो आधार, पुत्र हित सूणज्यो करूण पुकार। ।३।। दम्भी चील्ह बाघ...