MATA JI BHAJAN
।। चिरजा श्री आवड़ माँ की ।। थें तो सातु हि बहिन समेत, आवड़ म्हारें हरख आवो माँ घण हैत । आवड़ माँ म्हारें सदन बिराजो घण हैत। 1 कोड घणो मन में करू माँ, धरू ध्यान दिनरात । हरख पधारो हैत सूं माँ, सेवक करण सनात । 2 कदम बढावौ कर कृपा माँ, आवो अनत उमंग । लारे महिरख लावजौ माँ, सातु बहिनां संग । 3 आप आयां आणंद हुवें, माँ मौत्यां बरसें मैह । हाथ जोड़ हाजिर रहै, माँ सारा सुख सैदैह । ...