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RAJALBAISAA CHIRJA BHAJAN

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*राजल बाईसा की चिरजा* ______________________ तर्ज-जाबा द्यौ सहेल्यो शिव लड़ेला ए ________________________ आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. राखो मां उदाई सोरा राजल बाई ए  आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए..(स्थाई) आप पूरोला आशा... अम्बे म्हारी आ अभिलाषा... बेग करो घट बासा..रहो मां सहाई ए आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. कहूं मात, किरपा कर दो.. खुशियां सूं, झोली भर दो ... बीस भुजाळी,  वर दो...सजो संकळाई ए आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. कोप थे कान्हे पे किन्यो, छिन में मार...,थे ही भख लिन्यो,  राज पाट रिड़मल ने दिन्यो, करणी कहाई ए आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. पीथळ टेर पहुंचत पाणी.. आई राजल,पगां ऊभाणी.. नवरोजां री रीत पुराणी..  छिन में छूटाई जी.. आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. सुतबारठ,रिछपाल शरणे  बड़े भरोसे..,कीरत बरणे, ओओ आंगण आंणद भरणे.. रीझ राजलबाई ए आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए.. राखो मां उदाई सोरा राजल बाई ए.. आया म्हे शरण सोरा राखो मां उदाई ए... _____________________________ रिछपाल बारहठ रजवाड़ी रचित     ...

MATA BHAJAN

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-------------------💐 *दोहा* 💐-------------------- छोटड़ियो धाम बड़ो, बड़ी है करनल माय।  पोती तणी करूँ रक्षा, आऊँ पहर एक माय।।                               💐 *चिरजा* 💐 छोटड़ियो धाम सुहावणों म्हारी रँगथळ राय । भाळो लागे थारो देश करनल माय ।।( टेर ) राजस रसना रास रमे, रँग सिरजण माय । चहूं दिस छाई सकँळाय अम्बे माय ।। 1 जीवराज भूप सा जाणं मनड़े भाया महमाय । सांपु रो रचायो सरपण साख, अम्बे माय ।। 2 जुनी काटी मया जैळड़ी बण सवळी आय । मान बढ़ायो महिपाळ अम्बे माय ।। 3 साद शगत सुण आवियां, झट उड़ म्हारी माय । पोती रो सारियो धिन काज अम्बे आय ।। 4 आय शगत झठै बैठियां खैजड़ी री छाय । नाम दियो माँ करणैत अम्बे माय  ।। 5 दीन दयाळी दास री, बिड़दाळी मम माय । धिन धिन मोटो धिणियाप अम्बे माय ।। 6 चिरजा कथूं नित आपरी, आऊँ दर्शन ताय । गणेश लिखे चरणां बैठ अम्बे माय ।। 7                              *गणेश दान बीठू RPF*         ...

KODHYAR MAA CHAND

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।। मातृ चरणार्विन्दोश्रित मम: ।।                          ।। दोहा ।। किनियाँणी तुज कारणै, व्हालौ जगत विशैष । हाथ जौड़ हाजिर रहा, हरसित चरण हमेश । धिन धणियप धिनियांण रो,हैत भर्या धिन हाथ। खौट बिसर मन मौट सूं, सबविथ करै सनात । भक्ति भाव जाणू नही, नहि जाणूं नित नैम । ओ जाणू मैं आपरौ, (हूँ) बाळकियौ बैभैम ।        विनीत:- जयसिंह सिढ़ायच मण्डा                           राजसमन्द FORTKERIYAKHURD

MATA JI CHIRJA

*!!"गीत माँ मेहाई ने अरदास रो"!!* **************************         *चंडू लालस "भँवर"!!*                 *!! सोरठो !!*                        ****** *गाफल भूल गयोह,* *सुख मांही सरकार नें !* *पण हिव दुखः पयोह,* *आवो बेगा ईशरी !!*             *!! "गीत" !!*             ********** *भीड़ अब पड़ी है आव थूं भग्गती,* *पग्गती नही मम अवर पूजा !* *स्याय हिव करे नह जगत में शगत्ती,* *दगत्ती समय इण मांय दूजा !!1!!* *दानवी आज माँ दूख अति देत है,* *देत है कष्ट वे आय दामण !* *करनला मावड़ी गई थूं केथ है,* *जेथ है तेथ सूं आव जामण !!2!!* *अम्बिका जदी थूं सिंघ चढ़ आवसी,* *जावसी तदी माँ त्रास दधि जाझो !* *पात सब आपरा घणो सुख पावसी,* *गावसी खुशी रा गीत गाजो !!3!!* *थिती में कळू रा देव सब थाकसी,* *राखसी मात हिक लाज रैंणो !* *तिहारा पूत माँ वाट सै ताक़सी,* *साखसी वणी अब राख सैणों !!4!!* *दया कर आयने दुष्ट सै दाऴ जे,* *...

KARNI MATA CHIRJA

(1) तर्ज :- झुक ज्याओ जी जरा सा रघुवीर सिया म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी अरज म्हारी छोटी , गरज म्हारी छोटी थे हो दानी बड़ा मसहूर , अरज म्हारी छोटी सी कब तक मोय बिसराओगे मैया , कब हिवडै से लगाओगे मैया म्हारी करद्यो मंशा पूर , गरज म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी सुणल्यो मात देशाणै वाला , भगतां का हर दम रखवाला थे हो बीसहथी बलवीर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रांजल शरण पड्यो सुरराया , बिड़दाली निज बिड़द निभाया म्हारा करद्यो दुखड़ा दूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रहलाद सिह जी कविया [ प्रांजल ] (2) अन्नदाता म्हाने दर्शण दीजो सा , बाईसा म्हा पर परसण रिजो सा , निहारु राज , री वाट 1 - ज्यु किरणा बीच ,तेज सूरज को , यू सगत्यां बीच ,रूप अंबे इंद्र को मात म्हाने निरखण दीजो सा नेह रस बरसण दीजो सा निहारु - - - - - - - - - - - - -- - - - - - ---- 2 - मात अनाथ के, नाथ आप हो सुख दुःख में ,अम्बे साथ आप हो मात मत तरसण दीजो सा, करुणा रस बरसण दिज...

माता जी कि चिरजाए

(1) तर्ज :- झुक ज्याओ जी जरा सा रघुवीर सिया म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी अरज म्हारी छोटी , गरज म्हारी छोटी थे हो दानी बड़ा मसहूर , अरज म्हारी छोटी सी कब तक मोय बिसराओगे मैया , कब हिवडै से लगाओगे मैया म्हारी करद्यो मंशा पूर , गरज म्हारी छोटी सी मां करल्यो नैं मंजूर , अरज म्हारी छोटी सी सुणल्यो मात देशाणै वाला , भगतां का हर दम रखवाला थे हो बीसहथी बलवीर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रांजल शरण पड्यो सुरराया , बिड़दाली निज बिड़द निभाया म्हारा करद्यो दुखड़ा दूर , अरज म्हारी छोटी सी मैया करद्यो न मंजूर , गरज म्हारी छोटी सी प्रहलाद सिह जी कविया [ प्रांजल ] (2) अन्नदाता म्हाने दर्शण दीजो सा , बाईसा म्हा पर परसण रिजो सा , निहारु राज , री वाट 1 - ज्यु किरणा बीच ,तेज सूरज को , यू सगत्यां बीच ,रूप अंबे इंद्र को मात म्हाने निरखण दीजो सा नेह रस बरसण दीजो सा निहारु - - - - - - - - - - - - -- - - - - - ---- 2 - मात अनाथ के, नाथ आप हो सुख दुःख में ,अम्बे साथ आप हो मात मत तरसण दीजो सा, करुणा रस बरसण दिज...